Monday, 18 November 2019

महाराष्ट्र में सत्ता का खेल: किसकी शह किसकी मात



लगभग एक माह पहले आये महाराष्ट्र विधानसभा के नतीजों के बाद भी वहां सरकार का गठन नहीं हो पाया. 288 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी लेकिन बहुमत से कोसों दूर रह गयी. लेकिन उसको विश्वास था कि शिवसेना और भाजपा गठबंधन 30 सालों की तरह इस बार भी चल निकलेगा लेकिन शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद की मांग कर भाजपा का सरकार बनाने का सपना तोड़ दिया. शिवसेना भी सरकार नहीं बना पायी तो राज्यपाल ने विधानसभा को निलम्बित कर राष्ट्रपति शासन लगा दिया. इसके बाद भी शह-मात का खेल जारी रहा. भाजपा और शिवसेना के बाद एसी पी और कांग्रेस का नम्बर आता है लेकिन ना ही भाजपा या शिव सेना से इन दलों का कोई वैचारिक समन्वय बन सकता है. राज्य में तमाम समीकरणों पर विचार किया गया लेकिन हर समीकरण में वैचारिक मनभेद सामने आया. शिवसेना अब कांग्रेस और एनसीपी को लेकर सरकार बनाने का ख़्वाब पाले है, जिसके चलते शिवसेना के कोटे के एक मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री मंडल से त्याग पत्र दे विपक्ष का दामन थाम लिया.
उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस के बीच एक बड़ी खींचतान यहाँ अभी भी चल रही है. कांग्रेस और एनसीपी जहां शिवसेना की कट्टरता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहते हैं, वहीं दूसरी और ठाकरे परिवार किसी भी प्रकार महाराष्ट्र की कुर्सी को हथियाने की पुरजोर कोशिश में है.
अब बात लाभ-हानि की, तो शुरू करते हैं कांग्रेस से जिसकी व्यापकता एनसीपी और शिवसेना से ज्यादा है. महाराष्ट्र के चुनाव में पार्टी को मिली 44 सीट उसकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा हैं. मृतप्राय कांग्रेस के लिए ये मौक़ा है जब उसके पास लम्बे समय के बाद किंग मेकर की भूमिका है. एनसीपी और कांग्रेस में चुनाव पूर्व गठबंधन था लेकिन दोनों के मिला के कुल 98 सीटें ही हैं जबकि 288 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 145 का जादुई आकड़ा चाहिए और ये बिना शिवसेना के नहीं मिल सकता है, लेकिन शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद चाहिए. बिना मुख्यमंत्री तो उसके लिए उपलब्ध सबसे उचित विकल्प भाजपा ही है.

यहाँ उद्धव ठाकरे और फड़नवीस की लड़ाई में महाराष्ट्र की जनता को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. भाजपा को यहाँ अपने ही मात दे गये मोदी और शाह की जोड़ी भी यहाँ कोई बड़ा चमत्कार नहीं कर पाई. कई विश्लेषक इसे भाजपा कि उल्टी गिनती कह रहें हैं. वहीं ज्यादातर लोगों का मानना है कि मोदी सरकार की कई गलत नीतियों ने उन्हें जनता से दूर किया है. आज जनता किसी बहकावे में नहीं आने वाली है, उसको अपनी मूलभूत समस्याओं का समाधान भी चाहिए.
इस सब के बाद ये तो साफ़ हो गया है ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है यदि उसका स्वार्थ पूरा हो. यहाँ कांग्रेस के लिए ये एक सकारात्मक मूव है कि बिना किसी बड़े नेता या मुद्दे के लोग कांग्रेस की और लौटे हैं. इसका साफ़ मतलब ये है जनता कभी भी भाजपा या मोदी के विकल्प के रूप में किसी को भी खड़ा कर सकती है. यहाँ जनता और उसके वोट की कीमत बढी है.
(आशुतोष पाण्डेय )   


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वोडाफोन आईडिया का ग्राहकों को तमाचा: महंगी हुई कॉल


                              जिओ के बाद वोडाफोन आईडिया की लूट 
जिओ मोबाइल आने के बाद टेलीकॉम कम्पनियों में टैरिफ को लेकर गला काट प्रतियोगिता शुरू हुयी थी लेकिन 2 साल में ही सब बदलने लगा है पहले जिओ ने दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए पैसा लेना शुरू किया उसके बाद 1 दिसम्बर से Vodafone Idea भी कॉल दर बढाने वाले हैं. इससे करीब 30 करोड़ यूजर की जेब कटेगी.
वोडाफोन-आइडिया ने टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ते वित्तीय दबाव को इसकी प्रमुख वजह बताया है. वित्तीय संकट के मद्देनजर दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया ने एक दिसंबर से मोबाइल सेवा की दरें बढ़ाने का फैसला किया है. कम्पनी ने आज यह ऐलान किया है.
वोडाफोन आइडिया ने आज एक बयान में कहा , "अपने ग्राहकों को विश्वस्तरीय डिजिटल अनुभव सुनिश्चित करने के लिए कंपनी एक दिसंबर 2019 से अपने टैरिफ के दाम बढ़ाएगी." अभी कंपनी ने टैरिफ में प्रस्तावित वृद्धि की कोई जानकारी नहीं दी है.
वोडाफोन आइडिया को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में लगभग 50,922 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा हुआ है. किसी भी भारतीय कंपनी का एक तिमाही में यह अब तक का यह सबसे बड़ा नुकसान है. समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर बकाये के भुगतान के लिये जरूरी प्रावधान किये जाने की वजह से उसे यह नुकसान हुआ है. इस नुकसान को पूरा करने के लिए कम्पनी ग्राहकों की जेब में डाका डालने की तैयारी कर रही है. अभी वोडाफोन आइडिया के पास मोबाइल के लगभग 30% ग्राहक हैं.
(Business Desk)
National News Cause 
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Sunday, 17 November 2019

मोदी को क्यों याद आ गयी बेरोजगारी



पांच साल पूरे करने के बाद पुन: सत्ता में आने वाले नरेंद्र मोदी एक ऐसे प्रधानमंत्री मंत्री हैं जिन्होंने कभी जमीनी मुद्दों पर कोई बात नहीं की, इस बात के लिए उनकी आलोचना हर स्तर पर होती रहती है. लेकिन पाकिस्तान, कश्मीर, तीन तलाक और अब राम मन्दिर को लेकर सारा श्रेय मोदी खुद लूट ले जाते हैं. देश की गिरती अर्थव्यवस्था, जाती नौकरियां, हंगर इंडेक्स में शर्मनाक स्तर काफी बड़े मुद्दे होने चाहिए लेकिन ऐसा कहीं नहीं दिखता है. धारा 370, पाकिस्तान, नेहरू, तीन तलाक और राम मन्दिर में सारा देश व्यस्त है. भूख पर बात करना आज एक अपराध है. ठीक भी है जब इन सब के बावजूद वोट भर कर मिले तो और कुछ क्यों करना. मिडिया का हाल आज ये है कि उसके पास आम जनता के लिए ना तो प्राइम टाइम होता है ना कोई डिबेट.
जहां आम आदमी की बात होती है उसे बैन करने की बात होती हैऔर इसके लिए आम आदमी भी अपनी सहमति दे रहा है. अब जल्द ही संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होना है, इस सत्र में पक्ष के पास कश्मीर और राम मन्दिर जैसी उपलब्धियां हैं जिनके जरिये उनको विपक्ष को गरियाने का मौक़ा मिलना तय है. कल यानि 18 नवम्बर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर आज एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. इस दौरान पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक पार्टियों से यह भी कहा कि संसद में बेरोजगारी पर भी चर्चा होनी चाहिए. अब मोदी की बेरोजगारी को लेकर ये चिंता कितनी गम्भीर है ये तो सत्र शुरू होने के बाद ही पता चलेगा, बड़ी बात ये है कि नरेंद्र मोदी ने पहली बार ये मान लिया कि देश बेरोजगारी की गम्भीर समस्या से गुजर रहा है.
लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने मांग की कि सत्र के दौरान आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और कृषि संकट के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि संसद का सबसे महत्वपूर्ण काम चर्चा और बहस करना है.

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Monday, 4 November 2019

WhatsApp अब फ़िंगरप्रिंट से लॉक अनलॉक करें


अगर आप व्हाट्सएप्प का प्रयोग करते हैं तो आपके लिए एक नया सुरक्षा फीचर जारी किया है. अब आप अपने स्मार्टफोन के जरिये व्हाट्सएप्प को फिंगरप्रिंट से लॉक अनलॉक कर पाएंगे.
WhatsApp Fingerprint Lock Feature 
फेसबुक के इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप ने अपने एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए फिंगरप्रिंट लॉक फीचर को लॉन्च किया है. आईफोन यूज़र्सस के लिए टच आईडी ( फिंगरप्रिंट रिकग्निशन) और फेस आईडी ( फेशियल रिकग्निशन) फीचर फरवरी 2019 से ही उपलब्ध हैं. इसका मतलब अब एंड्राइड मोबाइल यूजर भी WhatsApp के इस नए सुरक्षा फीचर की मदद से ऐप को अनलॉक कर पाएंगे.
WhatsApp Fingerprint Lock for Android
आईफोन यूज़र्स के लिए जैसे टच आईडी फीचर ऐनेबल है उसी तरह अब व्हाट्सऐप एंड्रॉयड यूज़र भी ऐप को अपने फिंगरप्रिंट से लॉक या अनलॉक कर पाएंगे. यूज़र इस बात का भी चुनाव कर सकते हैं कि ऐप बंद होने के कितनी देर बाद खुद-ब-खुद लॉक हो जाए, यहां आपको तीन विकल्प मिलेंगे, पहला है तुरंत, दूसरा है एक मिनट बाद और तीसरा विकल्प है, 30 मिनट बाद. इसके अलावा अब यूज़र इस बात का भी चुनाव कर सकते हैं कि सेंडर का मैसेज नोटिफिकेशन में दिखाई दे या फिर नहीं. 
How can enable Finger Print Lock
WhatsApp Fingerprint Lock को ऐनेबल करने के लिए एंड्रॉयड यूज़र को सेटिंग्स > अकाउंट > प्राइवेसी > फिंगरप्रिंट लॉक में जाना होगा। फिंगरप्रिंट ऑप्शन को ऐनेबल करने के बाद यूज़र को अपना फिंगरप्रिंट कंफर्म करना होगा. दुनियाभर में एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए यह फीचर जल्द रोल आउट किया जा सकता है.

आईफोन यूज़र के पास एक अतिरिक्त फीचर भी है, यूज़र चाहें तो बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए फेस आईडी फीचर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि आईफोन यूज़र्स के लिए इस साल फरवरी में टच आईडी और फेस आईडी विकल्प को ऐनेबल कर दिया गया है. 

Wednesday, 28 August 2019

बिना ओटीपी अब एटीएम से नहीं निकलेंगे पैसे




               एटीएम से पैसे निकालने के लिए ओटीपी जरूरी होगा
आप आये दिन ऑनलाइन और एटीएम फ्रॉड के बारे में सुनते हैं. एटीएम क्लोनिंग, एटीएम पर चिप लगा या कैमरे की मदद से आपके कार्ड का डेटा चोरी करना आम बात है. इन घटनाओं को रोकने के लिए अब बैंक नए सुरक्षा उपायों पर काम कर रहे हैं.

अब आपको हर एटीएम ट्रांसक्शन पर एक ओटीपी आएगा जिसे डालने के बाद ही, आप एटीएम से पैसे निकाल पाएंगे. कैनरा बैंक ओटीपी की इस व्यवस्था को कई एटीएम पर शुरू कर चुका है. ₹10,000 की निकासी अब बिना ओटीपी नहीं हो पाएगी. अब कैनरा बैंक एटीएम से पैसे निकालने के लिए एटीएम पिन के साथ ओटीपी अनिवार्य होगा.
ये ओटीपी बैंक में खाते के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल न० पर एसएमएस के जरिये भेजा जाएगा. एसबीआई के डिप्टी जरनल मैनेजर सुरेश नायर ने मीडिया से बात करते हुए कहा ओटीपी बेस्ड ट्रांसेक्शन को आरम्भ करने जा रहा है.
अन्य बैंक भी जल्द ही एटीएम पर ओटीपी बेस्ड ट्रांसेक्शन आरम्भ करने की तैयारी में हैं.
(आशुतोष पाण्डेय)

Monday, 26 August 2019

रिलेशनशिप सिर्फ औपचारिकता क्यों हो गई?


                   ब्रेकअप कितना आसान, कितना कठिन
रिलेशनशिप एक ऐसा शब्द है जिससे हर कोई जिन्दगी में दो चार होता ही है. रिलेशन बनाना तो आसान होता है लेकिन उनको निभाना और निभा के साथ संतुष्ट होना बिल्कुल अलग बात है. रोज कई रिलेशनशिप ब्रेकअप में बदलती हैं, इसका कारण आपसी सैटिस्फैक्शन की कमी होता है. लेकिन रिलेशनशिप का एक दूसरा आयाम भी है जब कोई व्यक्ति अपने पार्टनर की खुशी के लिए बिना संतुष्टि रिलेशनशिप को बनाये रखता है.
पर्सनालिटी और सोशल साइकोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार ज्यादातर लोग अपने पार्टनर के कारण बिना इच्छा भी रिलेशनशिप में बने रहते हैं, जबकि उनका पार्टनर उम्मीद के अनुसार रोमांटिक नहीं है. काफी चैलेंजिंग परिस्थितियों के बावजूद भी लोग खुद को किसी रिलेशनशिप से अलग नहीं कर पाते हैं. वे अपने पार्टनर के साथ ब्रेकअप नहीं करते हैं क्योंकि उनको लगता है ऐसा करना उनके साथी के लिए ठीक नहीं होगा.
इस स्टडी की ऑथर सामंथा जोएल के अनुसार लोगों को लगता है कि उनका पार्टनर शायद उनसे ब्रेकअप नहीं चाहता है, इसीलिए वे ब्रेकअप नहीं कर पाते हैं.
स्टडी के अनुसार रिलेशनशिप में ज्यादा निर्भर लोग अपने पार्टनर पर ज्यादा विश्वास करते थे और इसीलिए ब्रेकअप पर बात नहीं कर पाते थे. एक्सपर्ट की राय भी इस पर काफी मिलती जुलती है उनके अनुसार प्यार करने वाले प्रेमी या प्रेमिका के लिए ब्रेकअप करना आसान नहीं होता है, एक पार्टनर रिलेशनशिप में खुश है और दूसरा नाखुश तो भो ब्रेकअप आसान नहीं होता है.
(आशुतोष पाण्डेय)

Wednesday, 21 August 2019

स्टेट बैंक के ATM अब बन्द होंगे


                         SBI एटीएम कार्ड अब बन्द होंगे
भारतीय स्टेट बैंक अब प्लास्टिक एटीएम कार्ड को बंद करने वाली हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एटीएम मशीनों को कम करने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठा रही है. आज देश में तमाम लोग पेमेंट और पैसे निकालने के लिए एटीएम यानि डेबिट कार्ड का प्रयोग करते हैं. नोटबन्दी के समय एटीएम पर लगी भीड़ और खाली एटीएम से लोग काफी परेशान हुए थे. आज एटीएम के जरिये काफी फर्जीवाड़ा भी होता है, तमाम ठगी की घटनाएं सामने आती हैं कभी डेबिट कार्ड की क्लोनिंग या फिर पिन या फिर ओटीपी के जरिये ठगी आम है.
अब आपको यह बता दें कि कैसे एटीएम कार्ड के बदले ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कैसे किया जाएगा, स्टेट बैंक YONO प्लेटफॉर्म के जरिये ये सभी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और पैसे निकाले जा सकेंगे. SBI के चैयरमैन रजनीश कुमार ने इस बात की जानकारी एक कार्यक्रम मुम्बई में दी.

रजनीश कुमार ने कहा,"हमारी योजना डेबिट कार्ड को प्रचलन से बाहर करने की है. हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उन्हें हम खत्म कर सकते हैं".
उन्होंने बताया कि देश में 90 करोड़ एटीएम कार्ड और 3 करोड़ क्रेडिट कार्ड हैं.  उन्होंने बताया कि SBI के YONO मशीन के जरिये निकासी या खरीददारी की जा सकेगी. रजनीश कुमार ने बताया कि बैंक पहले ही 68,000 "YONO CASH POINT" की स्थापना की जा चुकी है और अगले 18 महीनों में 10 लाख तक करने की योजना है.
SBI ने इस मार्च महीने में "योनो कैश" सेवा शुरू की थी, जो ग्राहकों को बिना एटीएम कार्ड पैसे निकालने की सुविधा देता है, यह आसान होने के साथ काफी अधिक सुरक्षित भी है.
(आशुतोष पाण्डेय)

Friday, 16 August 2019

आप हैक पासवर्ड प्रयोग कर रहें हैं: गूगल स्टडी



गूगल ने अपनी एक स्टडी में दावा किया है कि इंटरनेट पर प्रयोग आने वाले 1.5% पासवर्ड हैक्ड हो चुके हैं. गूगल ने बताया है की हमने 21 मिलियन यूजरनेम और पासवर्ड्स को स्कैन किए हैं और इनमें से 3.16 लाख से ज्यादा अनसेफ पाए गए हैं.
कंपनी ने कहा है कि डेटा ब्रीच की वॉर्निंग भेजे जाने के बाद 26% यूजर्स ने अपने पासवर्ड बदले लिए हैं. इन नए पासवर्ड्स में से 94% असली पासवर्ड जितने स्ट्रॉन्ग हैं. यहाँ पासवर्ड स्ट्रांग होने का अर्थ ऐसे पासवर्ड से है जिसे आसानी से हैक ना किया जा सके.
गूगल के अनुसार कुछ यूजर्स ने इन वॉर्निंग को इग्नोर भी किया है. ऐसे यूज़र ने अभी भी पासवर्ड नहीं बदला है. गूगल ने इस स्टडी में ये भी देखा है है इंटरनेट यूज़र कई वेब साइट्स के लिए एक ही पासवर्ड का प्रयोग करते हैं जिससे हैकिंग का ख़तरा बढ़ जाता है. एक मज़बूत पासवर्ड बनाने के लिए अल्फ़ाबेट्स के साथ नम्बर और स्पेशल कैरेक्टर का प्रयोग किया जाना चाहिए. समय पर पासवर्ड को बदलते रहें.


(आशुतोष पांडेय)

Thursday, 15 August 2019

दिल्ली में महिलाओं के लिए डीटीसी बस फ्री



73 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में महिलाओं के लिए 29 अक्टूबर से डीटीसी की सभी बस फ्री होंगी. काफी लंबे समय से केजरीवाल मेट्रो और डीटीसी में महिलाओं की यात्रा मुफ्त करने की योजना पर विचार कर रही थी, लेकिन मेट्रो में दिल्ली सरकार के लिए ये कर पाना सम्भव नहीं था.
अब अरविंद केजरीवाल ने 29 अक्टूबर से महिलाओं के लिए सभी डीटीसी बसें फ्री करने की घोषणा कर दी है. इससे पहले जब केजरीवाल ने ये बात कही थी तो भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने इसका विरोध किया था. उनका मानना है कि इससे राजस्व घाटा बढ़ेगा.
आज जब नेशनल न्यूज़ कॉज के द्वारा जब कुछ कामकाजी महिलाओं से बातचीत की तो सबने इस का समर्थन किया. कामकाजी महिलाएं जो घर से काफी दूर काम के लिए जाती हैं तो उनके टिकट में काफी पैसे खर्च हो जाते हैं. इसके अलावा कालेज जाने वाली स्टूडेंट्स ने भी इसे लाभदायक बताया है. अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि किराया कम नहीं किया गया बल्कि महिलाओं को सब्सिडी दी जा रही है, उनका कहना है जब सरकार टैक्स वसूलती है तो उसकी जिम्मेदारी है कि उसका फायदा सीधे जनता को मिले.

(आशुतोष पाण्डेय)

Monday, 29 July 2019

रेलवे बना रहा है प्लास्टिक की बोतल से टी शर्ट

             अब पानी की खाली बोतलों से कमायेगा रेलवे
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में एक है. लाखों लोग रोज भारतीय रेल में सफर करते हैं. रेल में यात्रा करने वाले यात्री करीब 16 लाख पानी की बोतल प्रतिदिन इस्तेमाल करते हैं इसमें से ज्यादातर प्रयोग के बाद इन्हें फेंक देते हैं. 
अब रेलवे ने इन बोतलों को क्रश कर टी शर्ट और कैप बनाने की सोची है. करीब एक लीटर की 12 बोतलों से एक टी शर्ट तैयार की जाएगी. इसके लिए 2250 स्टेशनों में क्रश मशीन लगवाई जाएंगी. इसका सफल प्रयोग रेलवे पटना जंक्शन पर कर चुका है.
रेलवे बोर्ड की ए डी जी स्मिता वस्त शर्मा ने बताया कि प्रत्येक स्टेशन पर 300 बोतल क्रश की जाएंगी. इस प्रकार 2250 स्टेशनों में 7 लाख बोतल क्रश कर 58 हजार टी शर्ट बनाई जा सकेंगी. 
इस प्रकार बनने वाली टी शर्ट आम टी शर्ट से ज्यादा मजबूत होंगी और इनकी बिक्री से रेलवे को आय बढ़ाने का एक तरीका भी मिल जाएगा.  
(आशुतोष पांडेय)

Sunday, 28 July 2019

क्या असल खबर मिलती है आपको

खबर किसी घटना की सूचना देना मात्र ही नहीं है खबर एक जिम्मेदारी है. आपको क्या लिखना है या दिखाना ये आपके विवेक पर निर्भर करता है. सनसनी को खबर नहीं, शरारत या फिर कमाई का तरीका कहिये. हर समय आपके समाज में या चारों ओर हजारों घटनाएं घटती हैं सबको लिख लेना या दिखाना ना तो संभव है और न ही ऐसा कोई प्रयास किया जाना चाहिए.

खबर ऐसी हो जिससे पाठक खुद को जोड़ सके समाज पर उसका नकारात्मक असर ना हो। आज खबर का मूल खोता जा रहा है. हमने खबर को एक सूचना या सनसनी मान लिया है.
रिपोर्टिंग आज दम तोड़ रही है, रिपोर्टिंग को कट कॉपी पेस्ट बना दिया गया है. प्रिंट मीडिया जिसने रिपोर्टिंग और खबरों का एक मानक तय किया गया था आज डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने दम तोड़ चुका है.
आज खबर को मीडिया हाउस के लिए कमाई का जरिया बना दिया गया है। खबर के साथ एक्सक्लूसिव और ब्रेकिंग लगाकर उसे बेचा जाता है. लोकतंत्र का ये चौथा स्तम्भ अपनी शक्ति और उपादेयता खोता जा रहा है. एक नजर न्यूज़ चैनेल्स पर डालिये कहीं खबर की आत्मा नहीं दिखती है केवल सनसनी बेची जाती है.
नेशनल न्यूज़कॉज ने एक कोशिश की है लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को एक प्रतिष्ठता देने की। हम एक डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं, प्रेस जैसे किसी शब्द को खुद को जोड़ने की चेष्टा हम नहीं करते हैं क्योंकि हम जानते हैं यदि कंटेंट में दम होगा तो आपका प्यार मिलेगा.
इस हेतू आपके सुझाव और विचार हमें नए कंटेंट बनाने के लिए प्रेरित करेगा.
(आशुतोष पांडेय)

Saturday, 27 July 2019

स्मार्टफोन कैसे ले सकता है आपकी जान

                        लाइफस्टाइल और आपका स्मार्टफोन
स्मार्टफोन आज हम सब की जरूरत है. आज स्मार्टफोन लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन चुका है. लेकिन यही लाइफस्टाइल आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है. हर दिन 5 घण्टे से ज्यादा स्मार्टफोन का इस्तेमाल आपको कई जानलेवा बीमारियां भी दे सकता है. मोटापा और दिल से सम्बंधित कई बीमारियां आपको घेर सकती हैं. 
 Google Photo 
कोलम्बिया की साइमन बोलिवर यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के प्रमुख शोधकर्ता मिरारी मैंटिला मैरोन के अनुसार लोगों को स्मार्टफोन के यूज के खतरों की जानकारियां भी होनी चाहिए. मैंटिला मैरोन के अनुसार शोध में ये बात साबित हो चुकी है कि दिन में 5 घण्टे से ज्यादा मोबाइल या स्मार्टफोन का प्रयोग करने से मोटापा बढ़ता है. एक शोध जो 19 से 20 साल की औसत उम्र के 1060 स्टूडेंट्स पर किया गया जिसमें 700 लड़कियां और 360 लड़कों को शामिल किया गया था. इस शोध से ये बात सामने आई कि 5 घण्टे से ज्यादा स्मार्टफोन के इस्तेमाल से मोटापे का खतरा 43 प्रतिशत बढ़ जाता है. 
Google Photo
इसी शोध में लाइफस्टाइल से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं. दिन भर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले सामान्य की तुलना दुगुना जंक फूड, शुगर और स्नैक्स का सेवन कर लेते हैं. इसके अलावा ज्यादा स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले फिजिकली भी कम एक्टिव होते हैं.
5 घण्टे से ज्यादा स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों में 26 प्रतिशत ओवरवेट श्रेणी में आये. फिजिकल एक्टिविटी रेट कम होने के कारण प्री मैच्योर डेथ, डाइबिटीज, दिल की बीमारी और कई प्रकार के कैंसर के शिकार आप हो सकते हैं.
(आशुतोष पांडेय)

गूगल पर 3.45 अरब का मुकदमा

                                          विश्व हलचल
"गूगल" यानि दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन इस पर 3 अरब रूपये का मुकदमा करने वाली तुलसी गैबार्ड कौन हैं? क्यों ये मुकदमा किया गया है.
तुलसी गैबार्ड अगले साल होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार की दौड़ में शामिल हैं. अब उन्होंने गूगल पर 5 करोड़ डॉलर यानि 3.45 अरब का मुकदमा लॉस एंजिलिस कोर्ट में दायर किया है. 
कौन हैं तुलसी गब्बार्ड 
तुलसी अमेरिका की पहली हिन्दू सांसद भी हैं. उन्होंने गूगल पर 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार में उनके साथ भेदभाव करने पर ये मुकदमा किया है. उनका आरोप है कि गूगल ने उनकी अभिव्यक्ति की आजादी को बाधित किया है. जून में उनकी पहली डेमोक्रेटिक डिबेट के बाद उनके अभियान से जुड़े विज्ञापन को 6 घण्टे के लिए रोक दिया था. ऐसा दो बार किया गया है, एकाउंट सस्पेंड होने के कारण आम आदमी तक उनकी पहुंच और मिलने वाले चंदे पर भी काफी असर पड़ा है. गूगल ने तुलसी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये एक ऑटोमेटिक प्रोसेस है।
(आशुतोष पाण्डेय)

Friday, 26 July 2019

RTI संशोधन बिल: क्या वास्तव में इसे कमजोर करेगा

                      आरटीआई संशोधन बिल 2018
नई दिल्ली, आरटीआई राइट टू इनफार्मेशन 2005 ने देश की जनता को सरकार और उसके आनुषंगिक अंगों से जुड़ी सूचनाएं जानने का अधिकार दे दिया था. इसके बाद आरटीआई के जरिये कई कई बड़े खुलासे किए गए, कई आरटीआई एक्टिविस्ट की हत्या भी की गयी. ऐसा नहीं है कि हर बार इसका प्रयोग ठीक तरीके से ही किया गया हो कई बार तो व्यक्तिगत मामलों या फिर ब्लैकमेलिंग के लिए भी इसका प्रयोग किया गया। 

क्या मोदी सरकार ने आरटीआई को कमजोर किया?
मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ये आरोप आम हो गए कि सरकार और सरकारी विभाग; सूचना सही तरीके से उपलब्ध नहीं करवा रहें हैं. कुछ मुद्दों पर विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल्ली विश्वविद्यालय की डिग्री को लेकर दायर आरटीआई का जवाब दिल्ली विश्वविद्यालय ने नहीं दिया, जबकि अन्य कई ऐसे ही डिग्रियों के बारे में लगी आरटीआई के जवाब दिल्ली और अन्य विश्वविद्यालय द्वारा इस दौरान दिया गया है.
ताजा विवाद
अब ताजा विवाद आरटीआई में संशोधन बिल को लेकर है. सरकार अब इस बिल को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और फिर राज्यसभा में पास करवा चुकी है. असल में आम आदमी को ये मालूम नहीं है कि वर्तमान संशोधन क्या है? जब हमने इस बाबत कुछ लोगों से बात की तो उनका कहना था कि आरटीआई की आत्मा को मारने की कोशिश की कोशिश की जा रही है, लेकिन कैसे ये बता पाने में वे असमर्थ थे. असल में सोशल मीडिया में चल रहे संदेशो की वजह से ही ये सब हो रहा है. 
Courtesy : Google Photo 
क्या है ये संशोधन?
आइये अब बात करते हैं क्या है इस संशोधन में? इस विधेयक के अनुसार केन्द्रीय और राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन और कार्यकाल को अब केंद्रीय सरकार द्वारा तय किया जाएगा. यहां विश्लेषकों और आरटीआई एक्टिविस्ट का ये मानना है कि सरकार जब चाहे किसी भी सूचना आयुक्त के कार्यकाल को खत्म कर सकती है. इस संशोधन के बाद आरटीआई में अन्य मनमाने संशोधन भी करवाये जा सकते हैं जिससे आरटीआई की आत्मा पर प्रहार होगा और ये कानून कुंद हो जाएगा. विपक्ष इसे राज्यसभा में लाने से पहले सलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की थी। लेकिन अब जब ये विधेयक कम संख्या बल होते हुए भी राज्यसभा में पास हो गया है तो ये तो जरूर कहा जा सकता है कि विपक्ष अपनी किसी भी रणनीति में सफल नहीं हो रहा है. ये संसदीय व्यवस्था को बड़ी चुनौती है.
(आशुतोष पाण्डेय)

Thursday, 25 July 2019

क्रिकेट: टीम इंडिया को मिला नया स्पॉन्सर ओप्पो की छुट्टी

नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ऑनलाइन कोचिंग शिक्षा प्रदान करने वाली कंपनी BYJU को भारतीय टीम का मुख्य प्रायोजक बनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. यह कंपनी अब भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर मोबाइल बनाने वाली कंपनी OPPO का स्थान लेगी. यह कंपनी 5 सितंबर 2019 से 31 मार्च 2022 तक भारतीय टीम की आधिकारिक प्रायोजक रहेगी.
इस प्रकार टीम इंडिया को एक नया स्पॉन्सर मिल गया है. BYJU अब सितंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज से भारतीय टीम की जर्सी पर दिखाई देगी. बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने BYJU को भारतीय टीम की आधिकारिक मुख्य प्रायोजक बनने की घोषणा करते हुए कहा, 'भारतीय टीम के साथ जुड़े रहने के लिए बीसीसीआई की तरफ से मैं OPPO को धन्यवाद देता हूं. भारतीय टीम का नया प्रायोजक बनने पर मैं BYJU को भी बधाई देता हूं. भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए बीसीसीआई और BYJU अब मिलकर काम करेंगे.'
बीसीसीआई के एक अधिकारी के अनुसार इस डील में बीसीसीआई को उतनी ही रकम मिलेगी, जितनी OPPO कंपनी दे रही थी. इसमें उसे कोई घाटा नहीं होने वाला है. ये डील 31 मार्च 2022 तक चलेगी. BYJU की स्थापना केरल के एक उद्यमी बायजू रविंद्रन ने की है.
(आशुतोष पांडेय

Thursday, 4 July 2019

बिन सोशल मिडिया आपकी दुनिया सूनी

24 घंटे पहले एकाएक सभी सोशल प्लेटफॉर्म एक साथ सुस्त पड़ गये, इस दौरान यूजर्स का हाल देखने वाला था, फेसबुक और व्हाट्सएप्प तो और भी बुरा हाल था. ना ही फाइल भेजी जा रही थी ना ही डाउनलोड हो रही थी. ये समस्या भारतीय समयानुसार रात के करीब 8.30 बजे से शुरू हुई. लगभग 9 घंटे बाद ये समस्या खुद ठीक हो गई है. फेसबुक ने ट्वीट करके कहा है कि कुछ लोगों को वीडियो, पिक्चर फाइलें भेजने में परेशानी हुई. फेसबुक ने अपने यूजर्स को हुई परेशानी के लिए खेद जताते हुए कहा कि हम 100 प्रतिशत वापस आ गए हैं, आप लोगों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है. 1 अरब यूजर्स से ज्यादा फेसबुक पर फोटोज नहीं देख पा रहे हैं, डाउनलोड भी नहीं कर पा रहे हैं. ट्विटर पर कुछ यूजर्स ये भी आशंका जता रहे थे कि रूस या चीन ने अमेरिकी कंपनी फेसबुक पर साइबर अटैक करवाया है.

व्हाट्सएप्प  में कोई यूजर्स किसी को फोटो भेज नहीं पा रहे हैं और न ही स्टेटस में लगी फोटो ही देख पा रहे थे.
यही समस्या से इन्स्टाग्राम यूजर भी जूझ रहे थे.
फेसबुक, मैसेंजर, वॉट्सऐप और इंस्टा में पहली बार दिक्कत नहीं आई है, ऐसा कई बार होता है जब ये प्लेटफॉर्म धीमे पड़ जाते है लेकिन इस बार फोटोज में दिक्कत आ रही है. फोटोज की जगह फोटो नहीं दिख रही है, बल्कि उस फोटो की डीटेल्स दिख रही है. जैसे उस फोटो में कौन क्या कर रहा है? यहां तक कि उस फोटो में कोई शख्स हंस रहा है या बातें कर रहा है, इस तरह की भी डीटेल्स मिल रही हैं.
ये वास्तव में कोई सायबर अटैक था या नहीं इसके बारे में अभी कोई डिटेल नहीं मिली हैं लेकिन बिन सोशल मीडिया यूजर काफी परेशान रहे. 

Thursday, 30 May 2019

नयी नमो टीम: क्या नया



भारी बहुमत से जीतने के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमन्त्री के रूप में दूसरी पारी शुरू करेंगे. 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में भाजपा और NDA गठबंधन को भारी बहुमत मिला है. NDA के पास 352 सीटें हैं जो बहुमत से 80 ऊपर हैं. इसमें भाजपा के पास अपने 303 सांसद हैं. पिछली बार से भाजपा का वोट प्रतिशत और सीटें दोनों बढ़ी हैं.
मोदी मंत्रिमंडल में इस बार लगभग 20% नये चेहरे दिखेंगे. सूत्रों की माने तो इस बार मंत्रिमंडल में 60 से 70 मंत्रियों को शपथ दिलवाई जायेगी. अरूण जेटली पहले ही मंत्री पद लेने से इनकार कर चुके हैं. मीडिया में सबसे ज्यादा कयास अमित शाह को लेकर लगाए जा रहें हैं, भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार शाह पहली बार लोकसभा में आये हैं.

मोदी के सबसे विश्वस्त होने के कारण उनको बड़ी जिम्मेदारी देने की बात कही जा रही है. कई विश्लेषक कह रहें हैं अमित शाह को भाजपा अध्यक्ष ही रहने दिया जाएगा क्योंकि उनकी अध्यक्षता में भाजपा ने कई बड़ी जीत हासिल की हैं

जिन सांसदों का मंत्री बनना तय है उनमें प्रकाश जावडेकर, रविशंकर प्रसाद, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी का नाम लिया जा रहा है. नये चेहरों पर अभी कयास ही लगाये जा रहें हैं. NDA के अन्य घटक दलों को भी मंत्रीमंडल में शामिल किया जाना है.

इस दूसरी पारी में भारी बहुमत के साथ मोदी के सामने कई चुनौतियां भी हैं. राममन्दिर भाजपा का एक प्रमुख मुद्दा रहा है, वैसे इस चुनाव में कोई भी मुद्दा ख़ास मुखर नहीं था. पर इस बार राममन्दिर पर मोदी को कटघरे में खड़ा किया जाएगा, इसके अलावा कश्मीर और आतंकवाद से मुकाबला भी बड़ी चुनौती होगी.
(आशुतोष पाण्डेय)

Thursday, 4 April 2019

एक फ़कीर और लाखों का सूट: मन की बात



बात की बात, बात का बतंगड़ और अब मन की बात पाँच सालों में भारतीय राजनीति ने  कुछ दिया हो या ना दिया हो हमारे प्रधानमंत्री ने मन की बात खूब की है. ये लोकतंत्र का दस्तूर है पाँच साल नेता कहेंगे और जनता सुनेगी लेकिन उपर वाले के घर में देर है अंधेर नहीं. पांच  सालों के बाद कुछ दिन जनता कहती है और नेता सुनते है. यही दिन आजकल चल रहें है.
अब देखिये ये कोई पड़ोसी शर्मा जी तो हैं नहीं जो रोज नुक्कड़ पर मिल जाएँ, ना ही कालोनी के गेट पर बावस्ता चौकीदार जो रोज सैलूट ठोके. ये तो ठहरे पक्के निराकारी. निराकार ब्रह्म जिनके पास एक फकीर वाला झोला भी होता है. पन्द्रह लाख के सूट पर फकीर का झोला, लाखों के मशरूम का भोग. क्या कहें साहिब सबके मित्र इनके चर्चे विचित्र. प्रतिभा इतनी विलक्षण की इनकी सरकार में कानपुर में सैकड़ों बच्चे बिना ऑक्सीजन मर गये लेकिन इनको इसमें भी नेहरू का कारनामा दिखा. सत्तर सालों में क्या हुआ सब दिखता है इनको.
नमो! नमो! इनके पास भक्तों की एक फ़ौज है, जिसकी आत्ममुग्धता देखो, कुछ तो यह कह देते हैं कि इसी निराकारी फकीर ने अंग्रेजों को भारत से खदेड़ा है. हाँ ये फकीर एक मार्गदर्शक मंडल भी रखते हैं लेकिन उसका हाल बीड़ी के बंडल से भी गया गुजरा है. "अथातो घुम्मकड जिज्ञासा" "बिरयानी का शौक", "माँ का त्याग", "पत्नी का त्याग" क्या नहीं है इस निराले फकीर के पास.

पाँच साल पहले "चाय पर चर्चा" के बाद अब "चौकीदार चौकन्ना" नया अवतार है, वैसे भी ये देश में अवतार आम बात है. एक ख़ास बात भगवान राम के नाम पर सत्ता में आये थे, लेकिन फकीर तो राम के नाम पर चाय वाले से चौकीदार बन गया. हाफ पेंट से पन्द्रह लाख के सूट तक का सफर तय कर गया लेकिन भगवान राम टेंट में ही हैं.राम के भक्तों से ज्यादा इस वक्त इस फकीर के चेले बताये जाते है. सबका साथ सबका विकास ये इनका मूल वाक्य है, और इस पर साहिब खरे भी उतरे हैं. अम्बानी, अदानी, नीरव, सुशील मोदी, माल्या जैसों का साथ और विकास की कई कहानियाँ इनके इर्द गिर्द बुनी जाती है. इस पाँच साली चुनावी कुम्भ में ये फकीर क्या नये नये अवतार लेंगें ये देखना है, इनकी सेना भी है, जिसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना इनके भक्त कहते हैं.
वैसे इस देश में ये अकेले नहीं हैं इनके जैसे कई अवतार हैं जिनकी फेहरिस्त लम्बी है. 

Sunday, 10 March 2019

लोकसभा का दंगल कब, और कैसे?


लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व लोकसभा चुनाव जल्द ही होने हैं। सभी सियासी दलों की धड़कनें तेज हैं, जनता को रिझाने के लिए कई कोशिश की जा रही हैं, कोई राफेल में भ्रष्टाचार पर अपनी गुगली फेंक रहा है तो वहीं कोई सेना और जवानों के कंधे पर बंदूक रख चुनाव जीतना चाह रहा है। सभी सियासी दलों और देश की जनता को चुनावों के घोषणा का इन्तजार है।
आज शाम 5 बजे तक चुनाव आयोग अगले लोकसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है। आज शाम 5 बजे विज्ञान भवन में चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी।
लोकसभा चुनाव के साथ ही 5 राज्यों आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी हो सकता है. लोकसभा के चुनाव 7 से 8 चरणों में हो सकते हैं।

चुनाव आयोग की भाजपा को लंगडी

अभी लोकसभा चुनावों की घोषणा हुई नहीं है, लेकिन राजनैतिक दल प्रचार के नये हथकंडे ढूढने लगे हैं. इस सब में भाजपा सबसे आगे है, प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों से जबर्दस्त चुनावी मोड में आ गये हैं. हाल ही में हुयी एयर स्ट्राइक के बाद तो भाजपा ने सैनिकों के नाम पर खुली राजनीति शुरू कर दी है.
बैनर या पोस्टर या फिर मंच हर जगह सैनिकों की शहादत और वीरता का प्रचार सरकार के नाम के साथ जोड़ कर किया जा रहा है. इस पर रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग को पत्र लिख कुछ राजनितिक दलों के द्वारा सैनिकों के नाम और फोटो का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में करने की शिकायत की थी.
चुनाव आयोग की ओर जारी बयान में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय की ओर से यह संज्ञान में लाया गया था कि कुछ राजनीतिक दल सुरक्षाबल के जवानों की फोटो का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए कर रहे हैं. कई शहीदों के परिवार ने भी नेताओं से ऐसे किसी प्रचार से बचने का निवेदन किया था.
इसी का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को पत्र लिख जवानों के फोटो का इस्तेमाल ना करने निर्देश जारी किया है. चुनाव आयोग की यह एडवाइजरी राजनीतिक दलों को सतर्क करने के लिए जारी की गई है. इसमें कहा गया है कि सुरक्षाबल देश की सीमाओं, क्षेत्र और पूरे राजनीतिक तंत्र के प्रहरी हैं. लोकतंत्र में उनकी भूमिका निष्पक्ष और गैर राजनीतिक है. इसी वजह से जरूरी है कि चुनाव प्रचार में सुरक्षाबलों का जिक्र करते हुए राजनीतिक दल और राजनेता सावधानी बरतें.
Courtesy: Google Search 
पुलवामा आतंकी हमले के बाद से भाजपा नेताओं के कई मंचों पर शहीद जवानों के फोटो लगाए गए थे. इसके बाद वायु सेना के पायलट अभिनंदन की फोटो का इस्तेमाल भी चुनावी पोस्टरों और सोशल मीडिया कैंपेन में हो रहा है. ऐसे प्रचार पर कुछ दलों ने आपत्ति भी जताई थी और आयोग से इसकी शिकायत करने की बात भी कही थी. भाजपा ने तो मोदी और अमित शाह के साथ "मोदी है तो मुमकिन है" जैसे नारों के साथ कई होर्डिंग देश भर में लगाएं हैं. 
चुनाव आयोग के इस निर्देश को कितने दल मानते हैं पता नहीं. आयोग ने साफ़ कहा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद ऐसे किसी भी मामले में कार्रवाई की जायेगी. 

Saturday, 9 March 2019

सोनिया, राहुल, प्रियंका, अगला कौन!

आजादी के बाद से ही देश की राजनीति एक परिवार के चारों ओर घूमती रही है, वैसे तो कांग्रेस ने आजादी के आन्दोलन या उसके बाद भी कई बड़े नेता देश को दिए हैं लेकिन सत्ता का मध्यबिंदु नेहरू गांधी परिवार ही रहा है. चाहे सत्ता में हो या फिर सत्ता से बाहर राजनीति इसी परिवार के इर्द गिर्द घूमती है.
देश में दो प्रकार का मानस ही है एक वो जो इनके साथ है और दूसरा वो जो इनके खिलाफ है. पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस ने काफी कुछ गवांया है. आज कांग्रेस के पास अपनी कोई पुख्ता जमीन नहीं है लेकिन सत्ताभोग कर रही भाजपा और प्रधानमन्त्री मोदी ने रोज इस परिवार का जाप किया है. उनकी असली लड़ाई ये साबित करने की रही है कि इस परिवार ने देश को लूटा है. नेहरू से लेकर अब प्रियंका को भाजपा और उसके दिग्गज लगातार निशाना बना रहें हैं. इसका मतलब क्या है? जनता को समझना होगा.
इससे पहले एक ताजे वाकये पर भी विचार करते हैं, पिछले पांच सालों में देश की राजनीति में एक नाम और उभरा वो है अरविन्द केजरीवाल, कोई अरविन्द को आन्दोलन या संघर्ष की पैदायश कहे लेकिन ये सच है कि कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल  के ही अरविन्द यहाँ तक पहुँच पाया, कांग्रेस  की कमजोरियों के बल पर दिल्ली में प्रचंड बहुमत पाने अब कांग्रेस की गोद में छुपने के लिए प्रलाप कर रहें हैं, ये कांग्रेस की असल ताकत है.
कांग्रेस कभी सत्ता के शॉर्टकट पर विश्वास नहीं करती है, उसे मालूम है कि देर या सबेर राजनीति का सूरज उसके आँगन में आना ही है.
हाल में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में 3 राज्यों में भाजपा को हटा सत्ता में लौटी कांग्रेस ने कहीं कोई अति नहीं की, वो जानते हैं लोकतंत्र में सत्ता आती जाती रहती है, बस अस्तित्व बनाए रखें. अब आते हैं नेहरू गांधी खानदान के वर्तमान प्रवर्तकों पर, सोनिया गांधी पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गांधी की पत्नी उनके साथ विरोधियों ने कई गंदे और भद्दे अलंकार जोड़े लेकिन सोनिया बिना किसी विरोध किये अपना काम करती रही. सोनिया को कभी किसी ने आक्रामक होते नहीं देखा लेकिन कांग्रेस को बनाए रखने में उनकी भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण है.  राहुल गांधी जिनके बारे में मोदी जी भी रोज टिप्पणी करते हैं कई बार दिन में मोदी जी राहुल को मंदबुद्धि कहते हैं. लेकिन राहुल भी सोनिया की तर्ज पर शांत राजनीति पर विश्वास करते हैं, लेकिन कुछ समय से उन्होंने आक्रामक तेवर इख्तियार किये हैं, लगता है राहुल इस बात को समझ गये हैं कि किसी झूठ को बार बार जोर से बोला जाय तो जनता उसे सच मान लेती है. खैर अब कांग्रेस में एक नयी ऊर्जा दिख रही है राहुल कि लोकप्रियता जनता में तेजी से बढी है.

प्रियंका वाड्रा अभी सक्रिय राजनीति में आयी हैं इसका मतलब ये नहीं कि वे राजनीति में फिद्दी होंगी, प्रियंका की स्वीकार्यता जनता और पार्टी में किसी भी नेता के मुकाबले ज्यादा है, उनके आने के बाद कांग्रेस का स्लीपिंग वोटर भी जागा है, पुराने टोपी लगाने वाले बुजुर्ग नेता और कार्यकर्त्ता भी चार्ज हुए हैं. लेकिन कांग्रेस की अगली पौध कहाँ से आयेगी ये बड़ा सवाल है, अगला कौन?

Thursday, 7 March 2019

चौकीदार चौकन्ना है और राफेल की फाइलें गुम हो गयी

जल्द ही अगली लोकसभा के चुनाव होने हैं ऐसे में सियासी घमासान तेज हैं. एक ओर भाजपा खडी है दूसरी ओर समूचा विपक्ष. पिछले पांच सालों में भाजपा और मोदी शाह की टीम ने राजनीति को शह और मात का खेल बना दिया है.
लोकतंत्र में आज सवाल करना एक अपराध और देश द्रोह माना जा रहा है. अब जब खुद भारत सरकार या सीधे शब्दों में कहें चौकन्ने चौकीदार की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ये माना है कि राफेल की सीक्रेट फाइल चोरी हो गयी हैं. ये बात कोर्ट में अटोर्नी जर्नल वेणुगोपाल ने कही है.
सुप्रीम कोर्ट में वेणुगोपाल कहते हैं कि इसकी जांच हो रही  है कि फाइल कैसे चोरी हुयी हैं. वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट में जब ये कहते हैं कि, "यदि अब सीबीआई को जांच के निर्देश दिए जातें हैं, तो देश को भारी नुकसान होगा".
सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जब राफेल सौदे से सम्बन्धित फैसला सुनाया था तो सरकार की ओर से कई तथ्यों को छुपाया गया था. जब प्रशांत भूषण ने हिन्दू में छपे एक लेख का हवाला दिया तो वेणुगोपाल ने कहा ये लेख चोरी कि गयी फाइल के आधार पर लिखा गया है और इस मामले की जांच जारी है.

यहाँ देखने वाली बात ये है कि विपक्ष विशेषकर कांग्रेस लगातार राफेल सौदे को लेकर सवाल उठा रही है. मोदी जी बार बार जनता के बीच इसे एक षड्यंत्र बता रहे हैं. लेकिन अब जब अटॉर्नी जरनल वेणुगोपाल खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि दस्तावेज गायब हैं तो भाजपा इसे सियासी षड्यंत्र बता रही है. अब वेणुगोपाल खुद इस सियासी षड्यंत्र में शामिल हैं या फिर कांग्रेस के आरोप सही हैं. ये बात जनता को ही समझनी होगी.
(नेशनल न्यूज कॉज )

Wednesday, 23 May 2018

MobiiStar आज लांच करेगी अपने स्मार्टफोन लेकिन खरीदना मत बस कूड़ा है

मत खरीदना ये मोबाइल कूड़ा है।
स्मार्टफ़ोन हाथ में हो और सेल्फी ना हो ये संभव नहीं है. आज सेल्फी किसी भी मोबाइल का एक बड़ा फीचर बन गया है. एक वियतनामी कंपनी MobiiStar भी अपने सेल्फी सेंट्रिक स्मार्टफ़ोन MobiiStar XQ और CQ भारतीय बाजार में लेकर आ रही  है. जिसके कुछ लीक्स मिले हैं, उनके अनुसार स्मार्टफोन में स्नैपड्रैगन का प्रोसेसर होगा XQ SANPDRAGON 430 CQ 425 के साथ आ रहा है।
Picture From Google 

जैसा कि कम्पनी का दावा है कि फ़ोन से शानदार सेल्फी मिलेगी तो लगता है कैमरा सेगमेंट में कुछ विशेष फीचर जरूर मिलेंगे. कम्पनी बजट रेंज में दमदार फोन लाने का दावा कर रही है, यहाँ इस समय बजट रेंज मोबाइल फोन की बड़ी रेंज मार्केट में उपलब्ध है, ऐसे मैं हर सेगमेंट में कुछ ख़ास फीचर लाकर ही इस कम्पटीशन में टिक पाना संभव होगा. वैसे जो जानकारियाँ मिल रही है Mobiistar 6,000 से 10,000 की कीमत में अपने फोन मार्केट में उतार सकती है.


कम्पनी 23 मई को दिल्ली में पहला स्मार्टफोन लौंच करेगी. फ़ोन की असेम्बली देश में ही कि जायेगी और ये फोन फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा जैसा कि फ्लिपकार्ट की साईट पर दिख रहा है. फ्लिपकार्ट पर जो इनफार्मेशन हैं उनमें ग्रेट सेल्फी कैमरा, फ़ास्ट स्नैपड्रैगन प्रोसेसर, लॉन्ग लास्टिंग बैटरी और आकर्षक मूल्य हैं. अब देखना ये है कि बजट और सेल्फी सेक्शन में कम्पनी क्या नया करती है.
आपका अगला ब्लॉग पोस्ट जिसमें फ़ोन से सम्बन्धित सभी जानकारियाँ होंगी आज शाम 9 बजे तक मिलेगा. MobiiStar पर एक डेडिकेटेड विडियो आपको हमारे YouTube चैनल पर भी मिलेगी.


Wednesday, 7 February 2018

प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड से चोरी हो सकता है आपका डेटा



Picture: Google Search 
आधार को लेकर तमाम बातें कहीं जाती हैं, कई बार सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहें हैं अब खुद आधार अथॉरिटी ने कहा प्लास्टिक या पीवीसी पर प्रिंट कार्ड से आपकी आधार से जुडी जानकारियाँ चोरी की जा सकती हैं, इसके अलावा लेमिनेशन या पीवीसी प्रिंट होने पर कार्ड पर छपे QR कोड को रीड करना कठिन हो सकता है. इससे पहले भी आधार डाटा लीक होने या थर्ड पार्टी ट्रान्सफर होने की खबरें आती रही हैं. लेकिन सरकार इस प्रकार किसी संभावना से लगातर इनकार करती रही है.
लेकिन जिओ और एयरटेल जैसी कम्पनियों पर आधार दुरूपयोग के आरोप लगे हैं और एयरटेल ने तो सिम वेरिफिकेशन के नाम पर कई ग्राहकों के बैंक अकाउंट उनकी इजाजत बिना खोल दिए हैं, जिसके कारण आधार अथॉरिटी ने एयरटेल के आधार लिंक के अधिकार को कुछ समय तक के लिए सस्पेंड कर दिया था.
इसलिए अपने आधार कार्ड को ना ही लेमिनेट करवाएं और भूलकर भी उसे प्लास्टिक या पीवीसी पर प्रिंट ना करवाएं. 

Monday, 5 February 2018

आधार रखें अपडेट नहीं तो भविष्य में हो सकती है परेशानी

नई दिल्ली, आधार आज जिंदगी की संख्या बन चुका है, बैंक एकाउंट हो या फिर सिम कार्ड, पेंशन हो एक आकादमिक रिकार्ड्स सभी को आधार से जोड़ा जा रहा है। आधार एक यूनिक बायोमेट्रिक तकनीक है। जिसे हर व्यक्ति का व्यक्तिगत परिचय है। मात्र एक अंगूठे के वेरिफिकेशन से कई कार्य किये जा सकेंगे। 


लेकिन कई बार आधार की जानकारी अपडेट ना होना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। बिना आधार ना आप गैस की सब्सिडी ले सकते हैं, ना ही बैंक एकाउंट खुलवा सकते हैं। अब तो नर्सरी से लेकर कॉलेज तक बिना आधार के कुछ नहीं हो सकता है। 
अब भी तमाम लोगों के आधार में कई जानकारियाँ पूरी नहीं है कहीं नाम सही नहीं है, कई लोगों के आधार से फोन नंबर नहीं जुड़ा है ऐसी स्थिति में आप आधार डाउनलोड या उसमें कोई परिवर्तन बिना ओटीपी नहीं कर पाएंगे। अब आपको बताएं क्या आधार से लिंक नहीं होने पर आपको पेनाल्टी भी देनी पड़ सकती है? जी हाँ यदि आपने अपने आधार से पैन कार्ड नहीं जोड़ा है तो आपको हर वित्तीय वर्ष के अनुसार रूपया 10,000 पेनाल्टी देनी पड़ेगी।
इसके अलावा अलग अलग संस्थाएं आधार कार्ड से लिंक ना होने पर आपको बड़ी पेनाल्टी लगाई जा सकती है। अब नए पैन कार्ड के लिए अप्लाई करते समय आपको आधार संख्या को देना जरूरी कर दिया है। इनके अलावा म्यूच्यूअल फण्ड, बीमा, फिक्स डिपाजिट के साथ भी आधार देना पड़ेगा। कई एप जैसे digilocker जिसे आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं को भी आधार से जोड़ना जरूरी है। इसके अलावा एक अन्य सरकारी एप्प जो प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते है वह है "उमंग" इस एप्प के जरिये आप आधार से लिंक हो कई सरकारी योजना से जुड़ सकते हैं, जैसे गैस बुकिंग, पेंशन योजनाएं आदि। एक ऐप के जरिये कई कामों को एक साथ करने का ये सबसे आसान तरीका है। आधार अंक से आप किसी भी UPI एप के जरिये फण्ड ट्रांसफर भी कर सकते हैं, ऐसा करने के लिए आपको बैंक से सम्बंधित कोई डिटेल्स नहीं देने होते हैं।
अब सवाल ये है कि आधार अपडेट कैसे करें? इसके दो तरीके हैं, एक तो आधार केंद्र जाइये या फिर ऑनलाइन लेकिन ऑनलाइन आप केवल पता और ईमेल एड्रेस ही अपडेट कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको एड्रेस प्रूफ के लिए निर्धारित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आधार केंद्र से आप जन्मतिथि, नाम, पता या पिता का नाम भी संशोधित कर सकते हैं। इसके लिए आपके सभी बॉयोमेट्रिक पुनः लिए जाएंगे, आपकी फ़ोटो भी ली जाएगी। इस अपडेट के बाद आपको एक एनरोलमेंट आईडी दी जाएगी, जिसके बाद अपने नए अपडेट कार्ड को डाउनलोड कर सकते हैं।

Monday, 8 January 2018

कौन कहता है, ऑनलाइन पेमेंट सिक्योर है?

ऑनलाइन पेमेंट मतलब सिक्योर पेमेंट ऐसा कहा जाता है। लेकिन एटीएम पिन उड़ा कर या ओटीपी जानकर आपके खाते से पैसे उड़ाने की घटनाएं भी आम हैं। आये दिन ये खबरें आती हैं कि फलां आदमी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुआ। यहीं नहीं ऑनलाइन वॉलेट भी सुरक्षित नहीं है, आपकी जरा सी लापरवाही आपकी मेहनत पर पानी फेर सकती है। अभी हाल ही में paytm वॉलेट से पैसे उड़ाए जाने की कुछ घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर भी कई धोखाधड़ी की घटनाएं होती हैं, ऐसा तब होता है जब आप किसी एजेंट के माध्यम से किसी अन्य एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। यहां एजेंट किसी और एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करता है, बकायदा आपके मोबाइल पर इस बात का मैसेज भी आता है कि पैसे ट्रांसफर हो गया है लेकिन आप कभी ये नहीं देखते हैं कि किस एकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ है। जब आपको इस ठगी का पता चलता है तो आप एजेंट के पास जाते हैं तो एजेंट का सीधा उत्तर होता है, आपने जो डिटेल दी उसके अनुसार ही उसने पैसे जमा किये हैं। ऐसे में आपके पास करने को कुछ खास नहीं बचता है। इसलिए जब भी आप किसी के एकाउंट में इन एजेंट्स के जरिये पैसे जमा करवाएं तो ध्यान दे एकाउंट होल्डर का नाम क्या डाला जा रहा है, बैंक का नाम और कोड पर भी ध्यान दें। साथ ही जो रकम ट्रांसफर करनी है उसका अमाउंट भी अवश्य देख लें। हो सके तो ट्रांसफर मेसेज आते ही जिसके एकाउंट में पैसा डाला है उससे मालूम कर लें कि सही राशि उसके एकाउंट में ट्रांसफर हुई है या नहीं, जो राशि जमा होगी उसका SMS अकॉउंट होल्डर को भी मिल जाएगा। बिना कंफेरमशन के एजेंट का काउंटर ना छोड़े।

Saturday, 6 January 2018

डी एल एड किससे लें सही जानकारियां

प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले अप्रशिक्षित अध्यापकों के लिए 2 वर्षीय डी एल एड का कोर्स करना अनिवार्य हो गया है। जिसके चलते हजारों प्राइवेट स्कूल अध्यापकों ने इसके लिए NIOS नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अप्लाई किया है। लेकिन अब आगे असाइनमेंट्स, स्टडी सेंटर को लेकर सही जानकारियाँ लोगों को नहीं मिल पा रही है। रोज नए अपडेट के आने के कारण रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अध्यापक काफी असमंजस की स्थिति में हैं NIOS के द्वारा हर राज्य में क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की है, हर केंद्र पर कोऑर्डिनेटर नियुक्त हैं लेकिन फिर भी सही जानकारी के अभाव में लोग परेशान हैं। ज्यादातर अध्यापकों को इसके बारे में जानकारियां भी नहीं कि उन्हें सही जानकारियां कहा से लेनी हैं। 
कई अध्यापक तो इसके रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद इसे कैंसिल भी करवा रहे हैं। सालों से स्कूलों में पढ़ा रहें अध्यापकों को अब किसी प्रशिक्षण की क्या आवश्यकता पड़ गयी है? किसी के पास इसका जवाब नहीं है। सारे देश की तरह उत्तराखण्ड में भी यही हालात है यहां क्षेत्रीय केंद्र देहरादून है। जिसकी वेबसाइट www.rcddn.nois.ac.in है इसके अतिरिक्त यहां स्टेट कॉर्डिनेटर सीमा जौनसारी का मोबाइल न. 7533830222 भी दे रहे हैं जहां से डी एल एड के बारे में पूरी जानकारी ली जा सकती है। इसके अतिरिक्त देहरादून केंद्र निदेशक श्री प्रदीप कुमार रावत से भी मोबाइल 9410373391 जानकारियां ली जा सकती हैं।

क्या 7 जनवरी को बंद हो जाएगा आपका सिम

आजकल कई मोबाइल पर एक मैसेज लगातार आ रहा है कि आपका वर्तमान न. 7 जनवरी से बन्द हो सकता है। इससे कई लोग परेशान हैं, मेसेज में कहा जा रहा है आप यूनिक आइडेंटिटी कोड जेनेरेट कर अपने मोबाइल सिम को दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास पोर्ट करवा लें। इसमें किसी सर्विस प्रोवाइडर का नाम नहीं दिया गया है। तमाम मोबाइल यूजर को ऐसा मेसेज मिल रहा है। अब बात करते हैं इस मैसेज की सच्चाई कि, ये मेसेज सर्विस मेसेज की तरह आ रहा है, मतलब किसी न. से नहीं आ रहा है, इसलिए कुछ लोग इसे सही मान रहे हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर भी जोरदार चर्चा है।
कई यूजर्स ने ट्वीटर पर अपने सर्विस प्रोवाइडर को ट्वीट कर इसके बारे में पूछा है। सभी सर्विस प्रोवाइडर ने इसे झूठा मेसेज बताया है और कहा है कि ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें। बड़ी बात ये है कि इतनी बड़ी तादात में ये मेसेज लोगों के मोबाइल के सर्विस इनबॉक्स तक कैसे पहुंच रहा है। इसका जवाब किसी टेलीकॉम प्रोवाइडर के पास नहीं है ना ही इस मैसेज को फैलने से रोका जा रहा है।

Wednesday, 3 January 2018

अब आपके फोन में होगा पैनिक बटन, दबाओ पुलिस हाजिर

नए साल 2018 में मोबाइल फोन पर पैनिक बटन मिलेगा। इसे दबाते ही आपातकाल में सीधे पुलिस से संपर्क किया जा सकेगा। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन ने जनवरी 2017 से ही मोबाइल कंपनियों को फोन के साथ पैनिक बटन जोड़ने को कहा था लेकिन एक साल बाद तक भी इस पर कोई काम नहीं हो पाया। डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलिकम्युनिकेशन ने न्यूमेरिक की 5 या 9 को पैनिक की बनाने की बात कही थी। ये कदम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाया जाना था। कल केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मंत्री मेनका गांधी ने बताया कि एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत फोन पर पैनिक बटन की टेस्टिंग की जाएगी। इसे के चरणों में लागू किया जाएगा। टेस्टिंग के लिए इसे 26 जनवरी 2018 से उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा। अगर ये यहां सफल रहा तो चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों में  भी लागू किया जाएगा। लेकिन यहां देखने वाली बात ये है कि क्या इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी। अभी देखा जाता है कि कई बार पुलिस सूचना मिलने के लंबे समय बाद घटना स्थल पर पहुंचती है। यहां ये पैनिक बटन भी पुलिस तक सूचना ही पहुंचाएगा, इसके पास एक्शन करने या करवाने का कोई तरीका नहीं होगा। 

Friday, 29 December 2017

2018 फोल्डिंग स्मार्टफ़ोन और AI का होगा जलवा

साल 2017 जा रहा है, सन् 2018 के आगाज की तैयारी हो रही है। 2017 में मोबाइल की दुनिया बिल्कुल बदल गयी जियो के 4G वोल्टे सर्विस के साथ देश में इन्टरनेट की पहुंच आम आदमी तक हुई। फ्री कालिंग के साथ अनलिमिटेड डेटा देकर देश में डिजिटल क्रांति का बिगुल जियो ने बजा ही दिया। इसके अलावा AI यानि आर्टिफीसियल इनटेलीजेन्स से जुड़े कई अपडेट देखने को मिले। 2018 में यही आर्टिफीसियल इनटेलीजेन्स कुछ नए प्रोडक्ट लेकर आएगी। मोबाइल डिवाइस में भी ड्यूल कैमरा, बेजललैस स्क्रीन के अलावा 18×9 आस्पेक्ट रेश्यो स्क्रीन इस साल का सबसे खास फीचर रहा। एक ही मोबाइल नहीं तमाम मोबाइल इन फीचर के साथ आये। टेक्नोलॉजी में एक बड़ा नाम बिटकॉइन का भी जुड़ गया जिसने कई नए करोड़पति कुछ महीनों में ही पैदा कर डाले, लेकिन अभी भी देश का एक बड़ा वर्ग इसके बारे में कुछ नहीं जानता है। ऑनलाइन बिल, ऑनलाइन टैक्स और ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या में गजब इजाफा हुआ है। आज एक आम आदमी भी स्मार्टफोन और इंटरनेट का यूज करता दिखता है। साल 2017 इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यापकता के लिए जानेगा। 1 जीबी एक महीने में प्रयोग करने वाले यूजर भी अब रोज 1 जीबी डेटा प्रयोग करने लगा है।

2018 कुछ नए जलवे बिखेरेगा ये तय है, सबसे पहले फोल्डिंग स्मार्टफोन की भविष्यवाणी की जा सकती है लेकिन शुरुआत समसुंग से होगी या फिर ये कारनामा एप्पल करेगा ये देखने वाली बात होगी। alexa जैसी और  उससे एडवांस AI डिवाइस मार्केट में आना तय हैं।
(आशुतोष पाण्डेय)
Editor National NewsCause

Sunday, 24 December 2017

थोड़ा ही सही बीएसएनएल भी दे रहा है 186 में 28 जीबी डेटा

मोबाइल डेटा प्राइस वार अन्य टेलीकॉम कंपनियों की ही तरह बीएसएनएल ने भी 186 रुपये वाले अपने एंट्री लेवल टैरिफ प्लान को रिवाइज किया है. बीएसएनएल के 186 रुपये वाले प्लान में अब 5 जीबी हाई स्पीड 2G डेटा दिया जाएगा, जबकि पहले 1 जीबी डेटा दिया जा रहा था.प्लान के साथ यूजर्स को फ्री एसएमएस सेवा भी मिलनी है. रिवाइज होने के बाद अब 186 रुपये वाले प्लान में ऑन-नेट और ऑफ नेट अनलिमिटेड कॉल, नेशनल रोमिंग (दिल्ली और मुंबई छोड़कर), 5 जीबी डेटा दिया जायेगा. लेकिन यहाँ 5 जीबी  के बाद डेटा की स्पीड 40 केबीपीएस  हो जाएगी. यानी कुल मिलाकर बीएसएनएल भी अन्य कम्पनियों की तरह अनलिमिटेड डेटा दे रहा है. इस प्लान में 28 दिन लिए 1000 SMS भी दिए जाएंगे. इस प्लान की वैलिडिटी 28 दिनों की है. ये प्लान बीएसएनएल के प्री-पेड ग्राहकों के लिए है. अभी बीएसएनएल का ये प्लान आंध्र-प्रदेश और तेलंगाना सर्किल में शुरू कर दिया गया है. लेकिन इस प्लान में कुछ आकर्षक नहीं दिख रहा है 199 रूपये में जियो जहां 1.2 जीबी डेटा प्रतिदिन दे रहा है. जिओ के 199 प्लान से मिलता

Friday, 22 December 2017

जिओ का न्यू इयर 2018 धमाका: दो शानदार प्रीपेड प्लान

देश के टेलिकॉम सेक्टर में हलचल मचाने वाले रिलायंस जियो ने अब नए साल पर दो नए और ख़ास प्रीपेड ऑफर्स के जरिए कस्टमर्स को न्यू इयर विश करने वाला है.  जियो ने 199 और 299 रुपये के हैपी न्यू इयर 2018 प्रीपेड ऑफर पेश किए हैं, जिनमें कस्मटर्स को पहले से अधिक इंटरनेट डेटा मिलेगा. 199 रुपये के डेटा प्लान के तहत कंपनी ग्राहकों को 1.2 जीबी हाई स्पीड 4जी डेटा प्रतिदिन देगी.

इस प्लान के तहत ग्राहकों को फ्री वॉइस कॉलिंग, अनलिमिटेड एसएमएस और 28 दिनों के लिए सभी प्राइम मेंबर्स को सभी जियो ऐप्स का फ्री सबस्क्रिप्शन मिलेगा. ज्यादा डेटा यूज करने वाले लोगों के लिए कंपनी ने 299 रुपये का प्लान दिया है जिसमे ग्राहकों को  2जीबी 4जी डेटा, अनलिमिटेड एसएमएस और 28 दिनों के लिए जियो ऐप्स के लिए सबस्क्रिप्शन फ्री मिलेगा. इस प्रकार एक  फिर जिओ ने नये साल के लिए ऑफर लाने में बाजी मार ली है. जिओ के रोज नये प्लानों के कारण अन्य कम्पनियों को  सस्ते कालिंग और डाटा प्लान लाने पड़  रहें हैं. जल्द ही एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया भी ऐसे ही कुछ प्लान मार्केट में ला सकते हैं. एयरटेल जहां अभी EKYC  का लाइसेंस सस्पेंड करवा चुका है, उसे आज अस्थाई रूप से 10 जनवरी तक केवायसी अपडेट की अनुमति दी गई है. इसलिए एयरटेल चाहेगी की उसके प्लान ज्यादा लुभाने हों ऐसे में एयरटेल कुछ बड़े प्लान ले कर आ सकता है. 

जेटली ये नहीं नहीं कहा बंद नहीं होगा 2000 का नोट



2000 के नोट के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया समेत अन्य मीडिया भी स्टेट बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ये दावा करते दिख रहे थे कि जल्द ही सरकार 2000 के नोटों की बंदी की घोषणा कर सकती है. दरअसल 2000 के नये नोट ना छापने या कम छापे जाने को लेकर कुछ खबरें मीडिया में कुछ दिनों से चलाई जा रही थी. इससे आम आदमी में एक डर था कि कहीं फिर से नोट बंदी का सामना ना करना पड़े.केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस बात को नकारा तो नहीं लेकिन ये जरूर कहा जब तक सरकार ऐसी कोई  घोषणा ना करें तब तक इन अफवाहों पर ध्यान ना दे. अरूण जेटली के इस बयान का अर्थ ये निकाला जा रहा है कि सरकार आने वाले भविष्य में ऐसी कोई घोषणा कर सकती है. इसका कारण सरकार का लोकसभा में दिया गया एक बयान भी रहा कि मार्च 2017 तक देश में छोटी करेंसी के 3501 अर्ब रूपये के नोट थे. एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़ 8 दिसम्बर तक देश में कुल 13324 अरब  रूपये के नोट अर्थव्यवस्था में हैं. आरबीआई ने पांच सौ और दो हजार के 15,787 अरब रूपये के नोट छापे हैं जबकि 13324 अरब रूपये ही वर्तमान में चलन में हैं. इसका मतलब 246.3 करोड़ रूपये के नोट मार्केट में उतारे ही नहीं गये. 

टाइगर ज़िंदा है, सलमान हो सकते हैं गिरफ्तार


आज सलमान की फिल्म "टाइगर ज़िंदा है" रिलीज़ हो रही है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या करिश्मा करेगी ये तो आज पता चल ही जाएगा. लेकिन फिल्म के रिलीज़ के साथ सलमान खान के खिलाफ दिल्ली के गांधीनगर थाने में एक एफआईआर भी लिखवाई गयी है. एफआईआर में मामला जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का है.
ताजा खबरों के अनुसार नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल ट्राइब ने नोटिस जारी कर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और दिल्ली-मुंबई के पुलिस कमिश्नर्स से 7 दिन में जवाब मांगा है.. एक टीवी शो में किसी जाति विशेष के खिलाफ सलमान और शिल्पा शेट्टी द्वारा अपमानजनक शब्दों के प्रयोग के लिए ये कार्रवाई की गयी है.
वाल्मीकि समाज का कहना है कि पब्लिकली जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने से हमारे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इस बात से गुस्साए वाल्मीकि समाज ने केस दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है. दरअसल, सलमान खान ने अपनी फिल्म 'टाइगर जिंदा है' के प्रमोशन के दौरान अपने डांस स्टाइल को बताने के लिए ये शब्द कह दिया था. सलमान का यह वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसकी वजह से वह मुसीबत में फंस गए.

अब नहीं बना पायेंगे, फेसबुक पर फेक आईडी


अब फेसबुक पर आपको अनचाही फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं आयेंगी. फेसबुक पर यूजर्स को परेशान करने वाली अनचाही फ्रेंड रिक्वेस्ट और मेसेज को रोकने के लिए फेसबुक ने एक नया टूल पेश किया है. यह नया फीचर फर्जी अकाउंट से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट को भी रोक सकेगा. फेसबुक के ग्लोबल हेड ऑफ सेफ्टी ऐंटिगन डेविस ने बताया कि अगर किसी यूजर ने किसी को ब्लॉक कर दिया है और वह दोबारा एक नया अकाउंट बनाकर फिर से यूजर से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश करता है तो फेसबुक का यह फीचर इसकी पहचान कर इसे रोक देगा.


यह नया टूल यूजर्स को मेसेंजर चैट को इग्नोर करने और सेंडर को ब्लॉक किए बिना उसके मेसेज को इनबॉक्स से बाहर करने का भी ऑप्शन देता है. डेविस ने बताया, 'अब आप मेसेज पर टैप कर कन्वर्सेशन को इग्नोर कर सकते हैं. इससे आपके पास नोटिफिकेशन नहीं आएगा और कन्वर्सेशन अपने आप फिल्टर्ड मेसेजेस फोल्डर में मूव हो जाएगा. इस नए फीचर से यूजर्स बिना सेंडर के जाने मेसेज को पढ़ भी सकेंगे. अभी यह फीचर केवल वन ऑन वन कन्वर्सेशन के लिए है लेकिन जल्द ही यह ग्रुप मेसेज के लिए उपलब्ध होगा.'


फेसबुक के अनुसार महिलाओं विशेषकर महिला पत्रकारों, सेलिब्रिटीज को परेशान किया जाना रोका जा सकेगा. आये दिन महिलाओं को जबरन फर्जी आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने की खबरें आती रहती हैं. ऐसी स्थिति को भी इस टूल के जरिये रोका जाएगा. फेसबुक के अनुसार इससे अप्रमाणिक और फेक अकाउंट पर भी रोक लगेगी. फेक आई डी को भी इस टूल से बनाने से ही रोका जाएगा.