Friday, 28 July 2017

वोडाफोन घटिया सर्विस और ग्राहकों को फंसाने के हथकंडे

वोडाफोन जिओ और एयरटेल के सामने घुटने टेकते दिख रहा है. विज्ञापनों में बड़े दावे करने वाला वोडाफोन वास्तविकता में उपभोक्ताओं के लिए सरदर्द बनता जा रहा है. खराब नेटवर्क, बीमार 4G सेवा और लापरवाह कस्टमर केयर सपोर्ट के चलते वोडाफोन दे लोगों का मन हटने लगा है और लोग अन्य सर्विस प्रोवाइडर के साथ जाने की सोच रहें हैं, बड़ी संख्या में लोग वोडाफोन की सेवाएँ छोड़ना चाह रहें हैं, लेकिन यहाँ भी वोडाफोन एक खेल खेल रहा है जब उपभोक्ता पोर्ट के लिए एसएमएस के लिए मेसेज करता है तो उसे यूनिक पोर्ट कोड दिया ही नहीं जाता है, इस संदर्भ में जब कस्टमर केयर से बात कि जाती है तो मामले को देखने की बात कह कर वे इसे टाल देते हैं, कई बार इस मेसेज को करने के बाद भी UPC का ना मिलना वोडाफोन की मंशा दिखाता है. यदि कोई उपभोक्ता इस संदर्भ में अधिक पूछताछ कर ले तो उसका कस्टमर केयर से बातचीत के नम्बर को कम्पनी बंद कर देती है, जिससे उपभोक्ता कुछ भी नहीं कर पाता है, चूंकि एक फोन नंबर कई लोगों को दिया होता है अत: उसको बदल पाना इतना आसान नहीं होता है, जिससे कस्टमर झक मारकर वोडाफोन से जुड़ा रहता है. इस प्रकार कई हथकंडों के जरिये वोडाफोन कस्टमर को फसायें रखता है. हमने @newscause अपने ट्विटर हैंडल और मेल के जरिये @VodaFoneIndia से उनका पक्ष जानना चाहा तो हर बार एक ही उत्तर मिला हम इस मामले को देख रहें है, पिछले 23 दिनोंसे एक ही जवाब मिल रहा है. इसके अलावा मनमाने तरीको से कई सेवाओं को आरम्भ किया जाता है, जिनके एवज में बैलेंस काट लिया जाता है.हजारों उपभोक्ताओं के द्वारा सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद भी कहीं  कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. 
ग्राहकों की जेब काट अपनी जेबें भरने की योजना यहाँ वोडाफोन चला रहा है. अगर आप भी इसे ही किसी घटना के शिकार हैं तो कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। 

1 comment:

  1. Maha gatiya h vodaphone.. chutiyapa hai ab use krna..port toh krwana parega.. customer care waale ko toh baat karna nhi aata.mere taraf se vodaphone ko o anda.jab chalaya nhi jaata toh service kyu de rhe ho band kro na

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