Tuesday, 18 July 2017

वोडाफोन 4 G से दिल्ली एन सी आर में उपभोक्ता परेशान: बड़ी ठगी


वोडाफोन से परेशान ग्राहक एयरटेल और जिओ के साथ अपने नम्बर को पोर्ट करने के लिए कोशिश कर रहें हैं, वोडाफोन ग्राहकों लुभाने के लिए भले ही लाख दावे करे लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग ही है. सबसे बुरे हाल में कम्पनी का 4 G नेटवर्क है जिसकी स्पीड की बात करें तो 2G स्पीड से भी बदतर है, दिल्ली एन सी आर में तमाम उपभोक्ता इसकी सेवाओं से परेशान है. कोई ज्यादा बिल की शिकायत करता है तो किसी की शिकायत कॉल ड्राप को लेकर है. सबसे बड़े 4 जी नेटवर्क का दावा करने वाली कम्पनी की हालत धरातल में ये है कि इसके 4 जी नेटवर्क में 2 जी के सिग्नल ही आते है, कम्पनी ने कई 28 दिनों के इन्टरनेट प्लान निकाले हैं जिनमे रोज एक जीबी 4 जी डाटा का दावा वोडाफोन करती है.

जिओ उपभोक्ताओं की जानकारियाँ आम हुयी कैसे?

लेकिन जब हमने 123 उपभोक्ताओं से बात की तो उसमें से 96 ने ये माना की वे ठीक तरीके से 4 जी की सेवा नहीं ले पाते हैं. कम्पनी उपभोक्ताओं की शिकायत सुनती नहीं है, एक बार कोई प्लान खरीद लो भले ही प्रयोग करो या ना करो कम्पनी का कुछ लेना नहीं है. 123 में से 78 उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने जब कस्टमर केयर से बात की तो उन्हें गोलमोल जवाब दे दिया गया. जो उपभोक्ता अपना नम्बर दुसरे नेटवर्क में पोर्ट करना चाहते हैं उनको पोर्ट कोड नहीं भेजा जा रहा है. हमारे सामने 23 उपभोक्ताओं ने पोर्ट के लिए मेसेज किया जिसमें सिर्फ 5 के पास पोर्ट कोड आया अन्य 18 में से 4 लोगों ने जब कस्टमर केयर को फोन किया तो जवाब मिला शायद नेटवर्क बिजी है लेकिन 72 घंटे बाद भी उनको कोई मेसेज नहीं मिला है, ऐसे में किसी अन्य नेटवर्क में कैसे पोर्ट किया जाय? कई उपभोक्ता इससे आजिज आकर एयरटेल और जिओ का कनेक्शन ले रहें है, दिल्ली लक्ष्मी नगर में रहने वाले मनीष कुमार जो पेशे से सॉफ्टवेर इंजीनियर हैं ने बताया वे 2 सालों से वोडाफोन प्रयोग कर रहें हैं और तभी से परेशान हैं कई बार पोर्ट के लिए मेसेज कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है. रोहिणी के प्रकाश बताते हैं कि उनका बिल तो इस बार चौगुना आया है उनके फोन पर वोडाफोन ने खुद कई सर्विस एक्टिवेट कर दी हैं. जब इसकी शिकायत की गयी तो ये कह दिया गया कि ये सब कस्टमर ने खुद एक्टिवेट की हैं. लेकिन अब कई उपभोक्ता एक साथ 4 G सर्विस के लिए लिए गये अपने पैसे वापस मांग रहें हैं. कुछ लोग तो लीगल एक्शन की बात भी कर रहें हैं. जब हमने ट्विटर पर वोडाफोन का पक्ष जानना चाहा उनका जवाब था वे इस विषय को देख रहें है, लेकिन पिछले 15 दिनों से रोज इसी मेसेज को देखते न्यूज़ कॉज ने अपनी पड़ताल आरम्भ की तो मालूम पडा की 70 फीसदी से ज्यादा उपभोक्ता किसी ना किसी रूप में ठगा जा रहा है.

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